Wednesday, August 17

दिल्ली NCR में 4 नए सेक्टर वाले शहर बसाने की तैयारी, अभी सस्ते में मिलेगा ज़मीन, मकान और दुकान

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अब अपनी जमीनों को बेचकर कर्जा चुकाने की तैयारी में है। इसके लिए चार नए सेक्टर बसाने की योजना बना रहा है। इन सेक्टर को सोनीपत को गोहाना में बसाया जाएगा। सोनीपत में सेक्टर 5 और 6 बसाए जाएंगे। जबकि गोहाना में सेक्टर में 13 और 16 बसाए जाएंगे। सेक्टर-16 के प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके लिए अधिकारियों की ओर से करोड़ो रुपए का एस्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है।

 

जमीनों को बेचकर कर्जा चुकाने की तैयारी

जमीनों के रेट में उछाल को लेकर एचएसवी भी सामने आया है। वह भी जमीनों को बेचकर अपना कर्जा निपटाने की तैयारी में है। इसके लिए वह चार सेक्टर बसाने की योजना पर काम कर रहा है। दो सेक्टर सोनीपत और दो सेक्टर गोहाना में बसाए जाएंगे। इन चार सेक्टरों में 700 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। जिसमे सोनीपत में बसाए जाने वाले सेक्टरों के लिए 450 एकड़ जमीन निर्धारित हुई है। वहीं गोहाना में बसाए जाने वाले सेक्टरों के लिए 450 एकड़ जमीन को निर्धारित किया गया है। उम्मीद है कि इस सभी सेक्टरों में साल के अंत तक प्लाट उपलब्ध हो जाएंगे।

 

निवेश करने वाले लोगों को होगा काफी लाभ

इन चार नए सेक्टरों के बसने से न सिर्फ एचएसवीपी को लाभ होगा, बल्कि घर व दुकान के लिए जमीन की तलाश कर रहे लोगों को भी लाभ मिलेगा। वहीं ऐसे लोगों को भी लाभ मिलेगा। जो जमीनों में निवेश करना चाहते है।

 

गोहाना के सेक्टर-16 के लेआउट को मिली मंजूरी गोहाना के सेक्टर-16 के लेआउट को मंजूरी मिल चुकी है। सोनीपत के सेक्टर 5 और 6 जबकि गोहाना में सेक्टर 13 और 16 बसाए जाएंगे। जानाकारी के मुताबिक सेक्टर-16 में 138 एकड़ जमीन और सेक्टर-13 के लिए के लिए 150 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है।

सडक़ों पर खर्च होगा करीबन नौ करोड़ रुपए

गोहान के सेक्टर-16 को मंजूरी मिलने के बाद करीबन 16 करोड़ रुपए का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। जिसमें सडक़ सीवर और पानी है। वहीं इसकी सडक़ों को बनाने के लिए करीबन नौ करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वहीं पानी की आपूर्ति के लिए दो करोड़ रुपए और बरसाती पानी निकासी के लिए 2.7 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया है।

आर्थिक हालात सुधारने का प्रयास इन सेक्टरों में जमीनों को बेचकर एचएसवीपी अपने आर्थिक हालात सुधारने के प्रयास कर रहा है। विभाग के अधिकारी अपनी जमीन का ब्योरा बनाने में जुटे है। ताकि सेक्टरों में डेवलपमेंट वर्क को जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके।

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