Wednesday, August 17

अब दिल्ली में बदलने जा रहा हैं पुरा बिजली बिल का सिस्टम, दिल्ली में हैं घर या रहते हैं रेंट पर तो जान ले नया बिल

देश की राजधानी दिल्ली में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के काम में तेजी आएगी। बांबे सबअर्बन इलेक्टि्रक सप्लाई (बीएसईएस) ने 50 लाख स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टाटा पावर दिल्ली डिस्टि्रब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के बिजली वितरण क्षेत्र में भी यह काम चल रहा है।

बता दें कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने मार्च 2025 तक साधारण मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बीएसईएस के अधिकारियों का कहना है कि 17 जून को निविदा जारी कर स्मार्ट मीटर आपूर्ति के लिए अवेदन मांगे गए हैं।

इस काम पर लगभग चार हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। किसी महानगर और निजी क्षेत्र में यह देश का सबसे बड़ा स्मार्ट मीटर परियोजना है। यह काम केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में 11.55 लाख, बिहार में 8.7 लाख, राजस्थान में 5.5 लाख, हरियाणा में 4.52 लाख और असम में 2.38 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता बिजली खर्च का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे। इससे इलेक्टिक वाहन की चार्जिंग और सौर ऊर्जा नेट मीटरिंग की निगरानी कर सकेंगे।

बिजली आपूर्ति में कोई समस्या आने पर उपभोक्ता को सूचना मिल जाएगी। साथ ही बिजली वितरण कंपनी को बिजली की अनुमानित मांग का आंकलन करने में आसानी होगी।

बिजली की खपत कम करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसमें स्मार्ट मीटर की महत्वपूर्ण भूमिका है। टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के नए स्मार्ट मीटर से रीयल टाइम लोड मालूम कर उपभोक्ता खपत घटा रहे है। एक साल में उपभोक्ताओं ने लगभग छह करोड़ यूनिट बिजली की बचत की। इस प्रयास से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को अपनी बिजली की खपत पर और अधिक नियंत्रण रहता है। उसे यह जानकारी मिलती है कि किस समय ज्यादा बिजली खर्च होती है। इसके हिसाब से वह बिजली की खर्च को नियंत्रित कर सकता है। बिजली का लोड बढ़ने पर उपभोक्ता गैर जरूरी उपकरण को बंद करके इसे कम कर सकता है। इससे पीक आवर में बिजली वितरण कंपनी को राजधानी में बिजली प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को बिजली खपत की सही रीडिंग भी मिलती है।

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