Friday, September 17

केवल दिल्ली मेट्रो कार्ड से कर पाएँगे अब दिल्ली के इन बसों में सफ़र, दिल्ली में कही भी बहार निकल रहे हैं तो ध्यान से रख ले कार्ड

डीएमआरसी की ओर से अपने यात्रियों की सुविधा के लिए गुरूवार से ट्रायल के आधार पर फीडर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। दिल्ली में पहली बार फीडर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। इन फीडर बसों का इस्तेमाल हर कोई नहीं कर पाएगा। इसके लिए डीएमआरसी ने नियम बनाए है। इन बसों में वो ही यात्री सफर कर पाएंगे जिनके पास दिल्ली मेट्रो स्मार्ट कार्ड या मेट्रो डीटीसी स्मार्ट कार्ड होगा।

जिन लोगों के पास ये कार्ड होगा वो ही इन बसों में सफर कर पाएंगे, सामान्य आदमी को इस बस में सफर करने की अनुमति नहीं होगी। दरअसल इन बसों में कंडक्टर नहीं होंगे इस वजह से जिन लोगों के पास स्मार्ट कार्ड होंगे वो उससे बस का टिकट ले सकेंगे।

 

 

दो रूट पर 25 बसें

अभी पूर्वी दिल्ली के दो रूटों पर 25 फीडर बसों का संचालन किया जा रहा है। ये बसें कैशलेस और कंडक्टरलेस हैं। मेट्रो के स्मार्ट कार्ड या मेट्रो डीटीसी स्मार्ट कार्ड के जरिये यात्री किराया भुगतान कर सकेंगे। इसलिए इन बसों में सिर्फ स्मार्ट कार्ड इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। इससे मेट्रो स्टेशन से गंतव्य तक का सफर भी आरामदायक हो सकेगा। इन फीडर बसों में सामान्य यात्रियों को प्रवेश नहीं मिलेगा।

अक्टूबर के अंत तक 10 रूटों पर 100 मेट्रो फीडर ई-बसों की मिलेगी सुविधा

डीएमआरसी अक्टूबर के अंत तक चरणबद्ध तरीके से दिल्ली में 10 रूटों पर 100 मेट्रो फीडर ई-बसों का परिचालन करेगा। इसका मकसद मेट्रो स्टेशन से गंतव्य तक लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर करना है। इन बसों में 24 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी और 14 मेट्रो स्टेशनों तक आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी।

 

अत्याधुनिक सिस्टम से लैस हैं बसें

डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने कहा कि यह अत्याधुनिक बसें सीसीटीवी कैमरे व जीपीएस सिस्टम से लैस हैं। इसलिए यात्रियों को बस के अंदर हर बस स्टैंड की सूचना भी मिलेगी। बसों को दिव्यांग व बुजुर्गों के अनुकूल बनाया गया है। इसलिए रैंप के जरिये व्हील चेयर से वे बस में सवार हो सकेंगे। शास्त्री पार्क व मजलिस पार्क में इन बसों के लिए डिपो बनाया गया है। उन डिपो में बसों की निगरानी के लिए केंद्र भी स्थापित किया गया है। इस निगरानी केंद्र से परिचालन के दौरान बसों पर नजर रखी जा सकेगी। इन बसों में दूरी के अनुसार 10 से 25 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इन फीडर बसों के चार्जिंग के लिए 2.5 मेगावाट बिजली का कनेक्शन दिया गया है।

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