Thursday, January 28

दिल्ली के नगर निगम ने डेंगू से लड़ रहे कर्मचारियो को सही वेतन अब तक नहीं दिया, देखिए किस तरह से हो रही है योद्धाओं के साथ नाइंसाफी

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने सोमवार को भाजपा शासित नगर निगमों को दिल्ली के डेंगू-मलेरिया योद्धाओं को 32,000 रुपये के बजाय 14,000 वेतन देकर अदालत के आदेशो का पालन न करने के लिए फटकार लगाई है।

पाठक ने कहा कि लगभग 3,500 ऐसे लोग हैं जो डेंगू-मलेरिया योद्धाओं के रूप में काम करते हैं। “अदालत ने फैसला सुनाया कि इन कर्मचारियों को 14,000 रुपये के बजाय 32,000 रुपये का वेतन मिलना चाहिए और फैसले में यह भी कहा गया है कि भाजपा शासित एमसीडी को 2012 से अपने बकाया और बोनस को मंजूरी देनी चाहिए। ये काम करने के लिए 31 मार्च, 2020 की समयरेखा भी जारी की थी, ”उन्होंने कहा।

“वेक्टर जनित बीमारियों के खिलाफ लड़ाई उन लोगो के बिना संभव नहीं है जो पूरे राजधानी में डेंगू और मलेरिया कीटनाशक का छिड़काव करते हैं। इन लोगों को डेंगू-मलेरिया योद्धा के रूप में भी जाना जाता है। वे लार्वा के प्रजनन की जांच करते हैं और घर-घर जाकर दवा का छिड़काव करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा शासित एमसीडी उनके प्रति सौतेला व्यवहार दिखा रही है और उनकी नौकरी की पुष्टि भी नहीं की है लेकिन उन्हें संविदा कर्मचारी के रूप में रखा है, ”उन्होंने कहा।

AAP नेता ने यह भी मांग की कि इन योद्धाओं के लिए फंड जारी किया जाए और अदालत के आदेश का पालन किया जाए।

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