Monday, September 27

दिल्ली में बारिश के बाद, दिल्ली – मेरठ वालों को मिला मुफ़्त में सबसे लम्बा स्विमिंग पूल, बिना शुल्क लीजिए मज़ा

जरा सी बारिश में डूबने वाली दिल्ली में अब एक्सप्रेस-वे पर भी जलभराव होने लगा है। वह भी इस कदर की कई जगहों पर एक्सप्रेस-वे की सड़कें तालाब और स्विमिंग पूल में तब्दील होने लगी हैं। इसका नजारा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह देखने को मिला। शनिवार सुबह 11 बजे के आसपास तकरीबन 30 मिनट से 1 घंटे तक चली बारिश में ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कई जगहों पर जलभराव हो गया, इससे वाहन चालकों को बड़ी दिक्कत पेश आई।

वहीं, गाजियाबाद के खोड़ा इलाके के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर पानी भरने से सड़क स्विमिंग पूल बन गई। इसके बाद यहां पर स्थानीय इलाके के बच्चे सड़क पर घुटनों तक भरे पानी में स्विमिंग करते नजर आए।

आइटीओ के पास सड़क बन गई तालाब

दिल्ली में बारिश के दौरान अंडरपास में जलभराव की घटना आम है, लेकिन सामान्य बारिश के  दौरान भी सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने लगा है। शनिवार को कुछ देर की तेज बारिश के कारण आइटीओ पर आइपी फ्लाईओवर के पास घुटनों तक पानी भर गया। फिलहाल यहां से पानी निकासी का जारी है।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर जरा सी देर की बारिश में पानी निकासी के लिए किए गए इंतजाम धराशायी हो गएव थे। जून के दूसरे सप्ताह के दौरान हुई बारिश के चलते डासना से मेरठ की ओर जाने वाली लेन के हिस्से पांच किलोमीटर के दायरे में 20 से अधिक जगहों पर पानी निकासी के लिए किए गए इंतजाम ढह गए थे।

इस दौरान 5 किलोमीटर के दायरे में पानी निकासी के लिए बनाई गई बीस पक्की नालियां अलग-अलग स्थानों पर धंस गई थीं। पांच स्थानों पर मुख्य लेन की सड़क के बीच बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। इन गड्ढों को दस दिन पहले ही भरा गया था।

एक्सप्रेस-वे हो गया जलमग्न

यूपी गेट से डासना के बीच कई जगहों पर भारी पानी भर गया था। वाहनों के आवागमन से ऐसा लग रहा था कि जैसे वाहन किसी नाले से होकर गुजर रहे हों। इससे पहले 8 जून को भी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) के चौथे चरण की मुख्य लेन में दरार आने के साथ ही सर्विस लेन क्षतिग्रस्त हो गई थी। डासना के पास हापुड़ की ओर जाने वाली सर्विस लेन में पांच फीट गहरा गड्ढा बन गया था। यह गड्ढा भी बारिश का पानी जमा होने एवं सड़क में नीचे तक पानी चले जाने से हुआ था। यह गड्ढा ऐसी जगह है जहां से रोज हजारों वाहन गुजर रहे थे। गनीमत यह थी कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। चौथे एवं दूसरे चरण में कई स्थानों पर सड़क के बीच दरार आ चुकी है। फुटपाथ टूटने लगा है। सड़क पर हुए इन गड्ढों को देखकर लग रहा है कि बरसात का पानी सड़क झेल नहीं पा रही है।

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