Thursday, July 29

‘सुप्रीम कोर्ट का खोरी गांव के घरों को तोड़ने का एक फैसला , और अब अब हजारों गरीब हुए बेघर

पुलिस और सेना की मौजूदगी में बुलडोजर ने बस्ती को नष्ट करना शुरू

सुप्रीम कोर्ट के खोरी गांव में आवासीय संपत्तियों को गिराने के आदेश के कुछ हफ्ते बाद, पुलिस और सेना की मौजूदगी में बुलडोजर ने बस्ती को नष्ट करना शुरू कर दिया। प्रशासन द्वारा खोरी क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके पूर्व खोरी निवासियों ने प्रशासन से अपील की थी कि स्वयं ही अपना सामान व निर्माण मलबा उठाना चाहते हैं।

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लोग खुद उठा रहे अपने तोड़े हुए घर की इट , मलवा आदि

न्यायालय द्वारा अतिक्रमण के रूप में संदर्भित, इस बस्ती में 10,000 से अधिक घर हैं, जिसमें 1 लाख से अधिक निवासी हैं खोरी क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर तोड़फोड़ कार्रवाई से पहले प्रशासन द्वारा की गई पहल का असर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को पहले तोड़े गए मकानों व लोगों द्वारा स्वयं खाली किए गए मकानों का मलबा ईट, दरवाजे, खिड़कियां व अन्य सामान लोगों ने खुद ही उठाना शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रशासन लोगों की ट्रक व जेसीबी से लगातार मदद कर रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मकानों का मलबा व अन्य सामान को स्वयं उठाया। 

क्या सुप्रीम कोर्ट पिछले 10 साल से सो रहा था ?

“क्या सुप्रीम कोर्ट पिछले 10 साल से सो रहा था जब यह समझौता किया जा रहा था?” थे वायर की रिपोर्ट के अनुसार ब ki रहने वाली सुलेखा पूछती है, “कि आज उन्होंने सभी गरीबों को मारने का आदेश दिया है? उन्होंने मेरे घर को तोड़ने का आदेश नहीं दिया है, उन्होंने गरीब लोगों को जल्लाद के फंदे पर डालने का आदेश दिया है।”

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