Friday, September 17

2025 तक ऐसा हो जाएगा दिल्ली का मेट्रो, बन जाएगा रिंग कॉरिडर और 500 KM तक का लाइन

दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। मौजूदा समय में 27 शहरों में 1058 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क का निर्माण चल रहा है। इसका निर्माण पूरा होने पर देश में मेट्रो का नेटवर्क 1779 किलोमीटर हो जाएगा। इससे शहरों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। यह बातें केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में शुक्रवार को पिंक लाइन के त्रिलोकपुरी-मयूर विहार पाकेट एक कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुभारंभ करने के बाद कहीं।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विकास हो रहा है। मौजूदा समय में 18 शहरों में 721 किलोमीटर नेटवर्क पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। देश पांच टिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। इसलिए शहरों में आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन महत्वपूर्ण होगा। इसमें मेट्रो अहम भूमिका निभाएगी, इसलिए सामान्य मेट्रो के अलावा विभिन्न शहरों में लाइट मेट्रो कारिडोर का भी निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) बांग्लादेश के ढाका मेट्रो की योजना तैयार करने व निर्माण की सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

पहला रिंग मेट्रो कारिडोर बनेगा

पिंक लाइन का निर्माण रिंग रोड के समानांतर किया गया है। फेज चार में मजलिस पार्क से मौजपुर के बीच 12.55 किलोमीटर का मेट्रो कारिडोर बन रहा है। 2023 में इसका निर्माण पूरा होने पर पिंक लाइन पर रिंग मेट्रो कॉरिडोर तैयार हो जाएगा। इसकी कुल लंबाई 70 किलोमीटर होगी। इससे पिंक लाइन देश का सबसे बड़ा मेट्रो कारिडोर बन जाएगा। इसके अलावा यह देश का पहला रिंग मेट्रो कॉरिडोर भी होगा।

फेज चार के तीन कॉरिडोर को जल्द मंजूरी की सिफारिश

शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि फेज चार में 65.10 किलोमीटर नेटवर्क के तीन कॉरिडोर बन रहे हैं। 42 किलोमीटर लंबाई के तीन अन्य कॉरिडोर का निर्माण भी होना है। दिल्ली सरकार से इन परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने की सिफारिश की है। फेज चार की परियोजना पूरी होने पर दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 500 किलोमीटर हो जाएगा।

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