Thursday, April 22

दिल्ली में कनॉट प्लेस समेत ये 30 इलाक़े बन गए हैं सबसे बड़े कोरोना के Hotspot, जा रहे हैं इन इलाक़ों में तो सावधान

राजधानी में कोरोना संक्रमण के 30 से अधिक नए व बड़े हॉटस्पॉट चिह्न्ति किए गए हैं। यह वे हॉटस्पॉट हैं, जहां 1 से 1.5 किमी के दायरे में एक हजार या ज्यादा मामले आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर घनी आबादी वाले इलाके और बाजार हैं। खासकर लाजपत नगर, कृष्णा नगर और कनॉट प्लेस जैसे इलाके बीते कुछ दिनों में बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं।

 

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बीते शुक्रवार को हुई बैठक के बाद राजस्व विभाग ने 1 से 16 सितंबर के बीच दर्ज मामलों की संख्या के आधार पर दिल्ली के सभी 11 जिलों में कोविड-19 हॉटस्पॉट की एक सूची तैयार की। एक अधिकारी ने कहा कि बहुत सारे बाजार क्षेत्र या वाणिज्यिक हब जैसे कनॉट प्लेस, करोल बाग और साउथ एक्सटेंशन में बीते कुछ दिनों में मामलों में तेजी से उछाल देखा गया है।

 

 

कुल मामलों की बड़ी संख्या हॉटस्पॉट में मिली :

डीडीएमए के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी जिले में रोहिणी सेक्टर-3 और उसके नजदीक के दायरे में 2,192 कोविड-19 के मामले मिले हैं। उत्तर-पश्चिमी जिले में दर्ज कुल मामलों में लगभग 43 फीसद हिस्सा रोहिणी सेक्टर 3 का है। उत्तर-पश्चिमी जिले में दिल्ली में कोरोना के सबसे अधिक मामले हैं। इसी जिले में पीतमपुरा एक बड़ा हॉटस्पॉट है, जहां लगभग 1700 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

 

 

इसके बाद पश्चिमी दिल्ली में पश्चिम विहार में 1,101 मामले, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में उत्तम नगर 1,071 मामलों के साथ बड़े हॉटस्पॉट के रूप में चिह्न्ति किया जा चुका है। दिल्ली के सभी शीर्ष चार हॉटस्पॉट में ज्यादातर अनधिकृत कॉलोनियों और स्लम बस्तियों के साथ मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्गीय आवासीय कॉलोनियां हैं। हाल ही में लाजपत नगर, पीतमपुरा, कनॉट प्लेस, कृष्णा नगर, हरि नगर, तुगलकाबाद एक्सटेंशन, खारी बावली, गांधी नगर, जहांगीरपुरी, व मंगोलपुरी बड़े हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं।

 

हॉटस्पॉट में बढ़ाई जाएगी जांच

 

दिल्ली में मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल की ओर से बीते दिनों निर्देश दिए गए थे कि कंटेनमेंट जोन और हॉटस्पॉट में रहने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच की जाए। दिल्ली सरकार आने वाले दिनों में दिल्ली में रोजाना लगभग 15 हजार आरटी-पीसीआर जांच करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अभी तक करीब 11 हजार लोगों की रोजाना आरटी-पीसीआर जांच की जा रही है। मौजूदा समय में दिल्ली में सक्रिय कंटेनमेंट जोन की संख्या 2059 तक पहुंच चुकी है।

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