Thursday, January 28

दिल्ली के सारे HIGHWAY बंद करेंगे किसान, बढ़ जाएँगे सारे सामान के दाम, दिल्ली पुलिस में खलबली

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और यूपी के किसानों का महासंग्राम (Farmers Agitation) जारी है. दिल्ली में किसान प्रदर्शन (Farmers Protest) पर अड़े हुए हैं. अब इन किसानों ने बड़ा ऐलान किया है. किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी सभी मांगें नहीं मानी गईं, तो दिल्ली के मुख्य राजमार्ग (Highways) जाम करके आवाजाही पूरी तरह से बंद कर देंगे. गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद को दिल्ली से जोड़ने वाली हाइवे को ब्लॉक करने की चेतावनी से सरकार और दिल्ली पुलिस महकमे में खलबली मच गई है. सरकार की तरफ से किसानों को एक बार फिर से बातचीत का प्रस्ताव भेजा है.

किसान पिछले 4 दिन से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं और उनकी मांग जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की है. किसान यूनियन ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार की ओर से बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्ताव हम नामंजूर करते हैं. हम बिना शर्त सरकार से बातचीत चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बुराड़ी ओपन जेल की तरह है और वो आंदोलन की जगह नहीं है. हमारे पास पर्याप्त राशन है और 4 महीने तक हम रोड पर बैठ सकते हैं. भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि दिल्ली आने वाली पांच सड़कों को हम जाम कर देंगे. हम 5 प्वाइंट पर धरना देंगे. किसानों ने प्रदर्शन के लिए बुराड़ी जाने से मना कर दिया तो देर रात बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर हाई लेवल बैठक हुई जो करीब 2 घंटे तक चली.

 

किसानों ने किए तीन बड़े ऐलान  -> बुराड़ी ओपन जेल, वहां नहीं जाएंगे: 

किसान यूनियन ने बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है और जंतर-मंतर में धरना देने की अनुमति मांगी है. सरकार ने यह शर्त रखी थी कि किसान हाइवे खाली कर बुराड़ी जाएं. किसान नेताओं का कहना है कि ये शर्त अपमानजनक है. किसान बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे, क्योंकि वह ओपन जेल है.

किसान अब 5 प्वाइंट से करेंगे दिल्ली का घेराव करेंगे. किसान नेताओं ने कहा, ‘हम ओपन जेल में जाने की बजाय सोनीपत, रोहतक के बहत्तर गढ़, जयपुर से दिल्ली हाइवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाइवे, गाजियाबाद से आने वाला हाइवे जाम करेंगे. 5 प्वाइंट पर हम धरना देंगे और दिल्ली की घेराबंदी करेंगे. हम लंबे दौर की तैयारी करके आए हैं.’

हमारे मंच से कोई राजनीतिक दल स्पीच नहीं देगा:

किसानों ने कहा कि हमने एक कमेटी बनाई है. किसी भी राजनीतिक दल को स्टेज पर बोलने की इजाजत नहीं है. कांग्रेस, आप या कोई भी राजनीतिक दल के लोग हमारे स्टेज पर स्पीकर के तौर पर नहीं बोलेंगे. इनके अलावा दूसरे संगठनों के जो संचालन कमेटी के तय नियमों को मानेंगे, उन्हें बोलने की इजाजत दी जाएगी.

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