Friday, April 16

दिल्ली NCR में आधि रात में भूकम्प, 4.2 के बड़े झटको से कम्बल से बाहर भागे लोग

दिल्ली और नोएडा समेत एनसीआर के  शहरों में बृहस्पतिवार देर रात लगे भूकंप के तेज झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। यह झटके इतने तेज थे कि कई लोग इसकी दहशत से अपने घरों, दफ्तरों व फैक्ट्रियों से बाहर निकल आए। इसके बाद काफी देर तक बाहर ही खड़े होकर भूकंप पर चर्चा करते रहे। जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात 11 बजकर 46 मिनट पर भूकंप के झटके नोएडा सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर में महसूस किए गए। वहीं, भूकंप का केंद्र राजस्थान के अलवर में रहा।

 

रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई, जबकि भूकंप का केंद्र जमीन के लगभग 5 किलोमीटर नीचे मौजूद रहा। भूंकप का उत्तरी अक्षांश 28.06 और पूर्वी देशांतर 76.72 मापा गया है। बृहस्पतिवार रात को जिस वक्त यह झटके महसूस किए गए तब ज्यादातर लोग घरों में सोने की तैयारी कर रहे थे, तो कई अपने घरों में आराम से बेखबर होकर सो रहे थे। वहीं, बृहस्पतिवार रात को आए भूकंप की तीव्रता इतनी तेज थी उनकी नींद खुल गई। दहशत में कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

 

वहीं कई लोगों को इस बात की जानकारी अपने सगे संबंधियों से हुई। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में हाइराइज सोसायटी में रहने वाले लोगों ने झटके काफी तेज महसूस किए। वह काफी देर तक अपने घरों से बाहर रहे और भूकंप की चर्चा करते रहे। भूकंप से कई लोगों के घरों की दीवारों में दरार भी आ गई हैं। हालांकि भूकंप से अबतक एनसीआर के किसी भी शहर से जान माल की हानि की कोई सूचना नहीं है।

बता दें कि भूकंप मेवात सहित समीपवर्ती जिला रेवाड़ी, पलवल, गुरुग्राम, अलवर, महेंद्रगढ़-नारनौल में भी दर्ज किया गया। हालाकि इसकी वजह से क्षेत्र में कहीं किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

रात में उड़ी लोगों की नींद

बृहस्पतिवार की रात जब लोग ठंड से दुबके अपने घरों में सो रहे थे तो अचानक से आए भूकंप के झटकों ने क्षेत्र के लोगों की नींद उड़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देर रात अचानक से खिड़की दरवाजे और घरों में रखा अन्य सामान बुरी तरह से हिलने लगा। जैसे ही यहां घरों में रखा सामान गिरने लगा तो वो समझ गए कि जलजला आया है। इस दौरान वो तुरंत घरों को छोड़कर बाहर की तरफ दौड़ पड़े। लोगों ने बताया कि जब भूकंप का झटका महसूस हुआ तो वो पूरी तरह डर गए थे। उस समय अधिकांश लोग गहरी निद्रा में थे। लेकिन भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद को उड़ा दिया।

 

वहीं, विशेषज्ञों की मानें तो दिल्ली-एनसीआर में बार-बार आ रहे भूकंपों की एक बड़ी वजह धरती की सूखती कोख भी है। बताया जा रहा है कि भूजल स्तर में लगातार आ रही गिरावट से धरती के भीतर स्थित फाल्ट लाइनों का लोड असंतुलित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की कई और वजहें भी हो सकती हैं, ऐसे में इसको लेकर अध्ययन अभी लगातार जारी है। इसके अन्य पहलुओं पर भी शोध चल रहा है।

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