Saturday, April 17

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने गंवाई अपनी जान,सरकार ने भेजा संशोधन का लिखित प्रस्ताव, अब आपसी बैठक के बाद पता चलेगी किसानों की राय

अलग अलग कारणों से कई किसानों की गई जान

दिन ब दिन बढ़ती ठंड में पिछले 13 दिनों से सड़कों पर डटे किसान नए किसान कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बाबत किसानों और सरकार के बीच की गई बैठकें भी बेनतीजा ही रही हैं। इसी दौरान यह भी खबर आई कि अलग अलग कारणों से कई किसानों की जान चली गई।

9 किसानों ने गवां दी अपनी जान

हो रहे प्रदर्शन के दौरान 9 लोगों ने अपनी जान गवां दी है। बीते मंगलवार को ही 32 वर्षीय किसान अजय की सर्दी लगने के कारण मौत हो गई। इनके अलावा बलजिंदर सिंह, धन्ना सिंह, संजय सिंह, किताब सिंह, गुरजंत सिंह, गुरुभाष सिंह, गज्जर सिंह, और लखवीर सिंह ने भी इस आंदोलन में अपनी जान गवाई है।

सरकार कानून वापस लेने के मूड में नहीं

किसानों का कहना है कि किसान यूँ ही नहीं इस बाबत अपनी जान गवाने तक को भी तैयार बैठे हैं। सरकार को इस कानून को वापस लेने की बात माननी ही होगी। वहीँ सरकार किसी भी किमत पर नए किसान कानून को वापस लेने के मूड में नहीं दिख रही है।

सरकार ने भेजा लिखित प्रस्ताव

हालांकि किसान कानून पर सरकार के द्वारा आज उसमे संशोधन का लिखित प्रस्ताव भेज किसानों भेज दिया गया है और आज किसान यूनियनों और सरकार के बीच होने वाली बैठक अब नहीं होगी। जिस बाबत सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता बैठक कर रहे हैं। बताते चलें कि बैठक के बाद ही किसानों की राय इस पर साफ़ हो पाएगी।

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