Friday, September 17

दिल्ली मेट्रो में PAYTM हुआ शुरू, अब लम्बी लाइन भी ख़त्म, काउंटर पर नही पड़ेगा रुकना

काउंटर पर नही पड़ेगा रुकना.

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए खुशखबरी! अब पार्किंग में बाइक या कार का पेमेंट करने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। दरअसल, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) ने घोषणा की है कि उसने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ साझेदारी में देश की पहली फास्टैग-आधारित मेट्रो पार्किंग सुविधा को तैयार किया है। कंपनी ने अपने एक बयान में कहा “कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग सुविधा के लिए एक अधिग्रहण बैंक के रूप में, पीपीबीएल एक वैध फास्टैग स्टिकर वाली कारों के लिए सभी फास्टैग आधारित लेनदेन के प्रोसेसिंग की सुविधा प्रदान करेगी, इस प्रकार काउंटर पर रुकने और नकद भुगतान करने की परेशानी समाप्त हो जाएगी।”

 

Paytm वाली सुविधा शुरू.

इसके अलावा, पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने पार्किंग स्थल में प्रवेश करने वाले दोपहिया वाहनों के लिए एक यूपीआई-आधारित भुगतान समाधान तैयार किया है, इस प्रकार साइट पर पूरे पार्किंग भुगतान को डिजिटाइज़ किया गया है। दोपहिया वाहन मालिक एक साधारण यूपीआई भुगतान के माध्यम से मेट्रो स्टेशन पर अपनी पार्किंग फीस का भुगतान डिजिटल रूप से कर सकते हैं। वर्तमान में, यह सुविधा कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 6 पर उपलब्ध है और इसमें 174 दोपहिया और 55 चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की जगह है।

 

 

गौरतलब है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक जून में एक करोड़ फास्टैग जारी करने का मील का पत्थर हासिल करने वाला देश का पहला बैंक बन गया। एनपीसीआई के अनुसार, जून 2021 के अंत तक सभी बैंकों द्वारा एक साथ 3.47 करोड़ से अधिक फास्टैग जारी किए गए थे।

 

DMRC के लिए नया सेवा.

इस बारे में DMRC के एमडी मंगू सिंह ने कहा, “यह हमारे ग्राहकों को समाधान प्रदान करने के डीएमआरसी के प्रयास में डिजिटलीकरण की दिशा में एक और कदम है, खासकर ऐसे समय में जब संपर्क रहित लेन-देन के तरीके समय की जरूरत है।” पीपीबीएल ने कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के साथ इस सुविधा का और विस्तार करने की योजना बनाई है, जो बैंक के डिजिटल भुगतान समाधान द्वारा संचालित होने वाला पहला स्टेशन है। बैंक कई राज्यों में विभिन्न नगर निगमों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि संगठित और असंगठित दोनों जगहों पर फास्टैग-आधारित पार्किंग सुविधाएं शुरू की जा सकें।

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