Saturday, January 23

वाहन चलाने वालों के लिए नयीं व्यवस्था लागूँ, अब ट्रैफ़िक सिग्नल का FINE घर से कटेगा

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक सुधर जाएं अन्यथा चालान अब सीधे उनके घर पहुंचेगा। क्योंकि फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहरभर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से वाहन चालकों पर नजर रखी जा रही है। मंगलवार से लोगों के ऑनलाइन चालान कटने शुरू हो गए। एक दिन में दस लोगों के चालान काटे गए। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एनआईटी स्थित पीर बाबा चौक को चयनित किया गया है। यहां से गुजरने वाले सभी वाहनों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। गाड़ियों के नंबर प्लेट से वाहन मालिक को ट्रैस कर उन्हें ऑनलाइन पंजीकृत पते पर चालान भेजा जा रहा है। जल्द ही शहर के अन्य चौराहों से भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की तस्वीर कैद कर उनका चालान किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो शहर में रोज 1000 से 1200 वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए कैमरे में कैद हो रहे हैं।


रोज 1200 से अधिक वाहन चालक कर रहे उल्लंघन
स्मार्ट सिटी अधिकारियों के मुताबिक शहरवासी ट्रैफिक नियमों का खूब उल्लंघन कर रहे हैं। शहर भर में लगे सीसीटीवी कैमरे से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आ रही तस्वीरों के आधार पर रोज 1000 से 1200 वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए कैद हो रहे हैं। अब इन लोगों की पहचान कर ऑनलाइन चालान घर भेजे जाएंगे। रेड लाइट जंप करने अथवा अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों में अधिकांश बाइक सवार और ऑटो चालक हैं। अब चूंकि केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव कर जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है।


पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर एनआईटी स्थित पीर बाबा चौक पर पैनी नजर


चौक चौराहों पर लग चुके हैं 730 कैमरे
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बदरपुर बॉर्डर से बल्लभगढ़ तक सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर 1200 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयार की है। जिससे शहर को सुरक्षित रखा जा सके। कंपनी की सीईओ डॉ. गरिमा मित्तल के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत अभी तक 730 अच्छी क्वालिटी के कैमरे चौक चौराहों पर लगाए जा चुके हैं। 74 लोकेशन से लाइव तस्वीरें भी मिलनी शुरू हो गई हैं। इसके लिए सेक्टर-20ए स्थित स्मार्ट सिटी आफिस में बनाए गए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की जा रही है।


अब तक 11 लोकेशन पर लग चुके हैं आरएलवीडी सिस्टम
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के डीजीएम आईटी शिशिर सौरभ के अनुसार अभी तक 11 लोकेशनों पर रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम (आरएलवीडी) लगाए जा चुके हैं। इनसे उन वाहनों को ट्रैस किया जाता है तो रेड लाइट जंप कर भागते हैं अथवा अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। इस सिस्टम के जरिए वाहनों के नंबर और उल्लंघन करने का समय तक दर्ज हो जाता है। ऐसे में कोई भी वाहन चालक यह नहीं कह सकता है कि उसने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। पूरे साक्ष्य के साथ ट्रैफिक पुलिस ई-चालान काटकर घर भेजेगी।

1 Comment

  • Gaurav

    Challan Par Rate to Bada govt. Private Job karne walo ko salary kyn nahi Badvade Or agr job private Mamla Vehicle b hamara private hai. . . .

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