Friday, September 17

1 अक्टूबर से बदल जाएगा सारा नियम, वेतन पाने वाले सब प्राइवेट और सरकारी वालों को होगा 50% से ज़्यादा का फ़ायदा

क्या है नए श्रम कानून के नियम?

खबरों की माने तो केंद्र मोदी सरकार एक अक्टूबर से श्रम कानून के नियमों में कुछ बदलावत लाने का सोच रही है ।जिसमे पहला, ऑफिस टाइम में बढ़ोतरी की बात है । नए श्रम कानों के तहत अब कर्मचारीयों के ऑफिस टाइम में इज़ाफा होगा ।सभी ऑफिस कर्मचारियों को 12 घंटे काम करने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही साथ बता दें की अब से कर्मचारियों के इन हैंड सैलरी पर भी इस कानून का असर पड़ेगा।

 

 

नए कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान होने वाला है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट के किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार नही करवाना है । ड्राफ्ट कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का विश्राम देने के निर्देश भी ड्राफ्ट नियमों में शामिल।

 

 

वेतन में हुए क्या क्या बदलाव. 

 

खबरों की माने तो सरकार के नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। जिससे कर्मचारियों की वेतन संरचना बदलेगी । वेतन का वैसा हिस्सा जो गैर-भत्ते वाला होताआमतौर पर कुल सैलेरी के 50 फीसदी से कम होता है।

 

 

वहीं कुल वेतन में भत्तों का हिस्सा और भी अधिक हो जाता है। बता दें की यहां मूल वेतन बढ़ने से आपका पीएफ भी बढ़ेगा, क्योंकि पीएफ मूल वेतन पर आधारित होता है। इसका सार हम ये समझ सकते है की मूल वेतन बढ़ने से हमारा पीएफ बढ़ेगा, जिसका मतलब है हाथ में आने वाला वेतन में कटौती होगी।

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